Coffee with Abhi

Buy Me a Coffee

बुधवार, 4 सितंबर 2019

बिटिया

हर चिड़िया के माथे पर एक उदासी
और पंखों में एक उमंग होती है
हर बार जमीन से
जितना भी ऊपर जाती है
हर चिड़िया के माथे पर
अा जाती है शिकन, फ़िर भी
हर चिड़िया अपनी चोंच में
नेह भर तिनका लिए रहती है.
बहुत कुछ ऐसी ही होती है बेटी
सब कुछ करती है सभी के लिए
पर चाहकर भी उड़ नहीं सकती
कभी अपने लिए.
क्योंकि हर बिटिया
परों वाली चिड़िया नहीं होती.

कोई टिप्पणी नहीं:

मेरी पहली पुस्तक

http://www.bookbazooka.com/book-store/badalte-rishto-ka-samikaran-by-roli-abhilasha.php