Friday, 30 June 2017

Thursday, 29 June 2017

Where are you?

It's raining here,
My eyes are still outside
peeping from window,
gazing tiny droplets,
which are welcomed by flowers.
What's happening outside,
its all looking vigorous to me.
The smell of watery soil is
nagging me.
Because you're
missing from the scene.

Tuesday, 27 June 2017

Decision of an hour.

My hours of leisure
I spent.
I was sure
To place vacant.
You said to stay
With me whole night.
I was ashore, in observing
The manners and dispositions.
A CALL from your side
Was enough
To grave my enthusiasm,
I was craved for.
Nothing you said except,
'Be practical'.
...........
You left nothing to me.

I need you breath to breath


One sided love 3


One sided love 2


One sided love 1


Why the way of suicide?

Suicide is not only a word
That means
To kill themselves,
But a murder.
When they smother the sense,
Feelings, expectations, relations.
Human being is creator,
Why don't want
to live in harmony,
Feel themselves as defeater,
Why there is so monotony?

Sunday, 25 June 2017

मेरी सुबह



 GOOGLE IMAGE

आज फिर से नई एक सुबह हो गयी,
आज फिर से उम्मीदें रवां हो गयी,
मन थक कर कहीं छुप गया था जो,
रात की हर कली फिर जवां हो गयी,
बस थोड़ा समय का इशारा हुआ,
सारी उम्मीद फिर से यहां हो गयी,
छोड़ अपना लड़कपन बड़े हो चले,
वो दुनिया अब जाने कहाँ खो गयी,

Maan....


Dreamy night.

Stary night are here again.
Permit yourself to sleep.


Welcome note.

Welcome every time whether it is dark or blue.

Where I have to travel except myself...?


Quote on Virgin feelings


Chemistry of Emotions.

Is there any chemistry of EMOTIONS?

Saturday, 24 June 2017

शुभकामना

आज आपकी सुबह
हर सुबह से खुशनुमा हो,
बस यही सोचकर
मैं आंखे खोलती हूँ,
जमीन पर पाँव रखने से पहले
ईश्वर को साक्षी मानकर,
शुरू करती हूँ
अपना सफर
कि आपके सफर की
थकान हमे मिले,
सपनों की उड़ान आपकी हो,
संघर्ष के निशान हमें मिले।

Friday, 23 June 2017

Words can do magic?

Words are words.
Its have own worth.
It never hurts anymore
but when it does,
no healer is for its.
It's nothing and nowhere
but makes the life buzz.
When the words
heel the pain,
As much comfort here,
apart from it
no satiety and the gain.
Words are the only
who provide
a curve of smile
on our face.
Words never know
community and race.

Yesterday versus Today

Yesterday was an experience,
Today is a pleasure,
Tomorrow will be treasure.

Hindi Quote on Musings

Musings of my heart..


Judgment

Never make a judgment when...

Thursday, 22 June 2017

Where are you?

The morning 
seems beautiful,
when a bud 
turns into flower.
The good enjoys 
own dignity,
and the evil 
looses its power.
When a lyric 
flows on rhythm,
Fragrance smells 
like shower.
Everything is 
nice and so cool,
where are you 
to feel this hour?

नई सुबह

अभी तो ख्वाबों ने
पूरी तरह से
दस्तकभी न दी थी,
एक और सुबह ने
मेरी उधेड़बुन बढ़ा दी,
आज फिर एक नए शहर में हूँ,
आज फिर एक नए सफर में हूँ।

Tuesday, 20 June 2017

Memories

That never fades.

दावाग्नि

कभी-कभी हमारे भीतर का ज्वालामुखी
बाहर के तपते वातावरण को
कितना शांत कर देता है,
जैसे मौसम में
कोई ताप नहीं है, अंतर में निर्विघ्न उमड़ रहे प्रश्न
ताकत रखते हैं
स्वयं को ही मिटा देने की
क्योंकि इनके कोई उत्तर ही नही,
ऐसा लगता है
जैसे
समय ही हमसे
हमारे होने की गवाही मांग रहा।

Love


Mere shabd


मुक्ति

हर कविता में शब्द तुम्ही हो
गीतों में लय है गर तुम हो
दिन तुम्हारे नाम से होता है
शाम तुम्हारी यादों के साथ ढलती है,
तुम्हारे सुख-दुःख से मौसम बदलता है,
बारिश हो या तेज धूप चमके
मेरे मन का इन्द्रधनुष
तुम्हे देखकर खिलता है,
तुम जाड़ों की गुनगुनी धूप हो,
गर्मियों की भीनी हवा हो,
हवा में सुगंध हो,
सुगंध में अनुभव हो,
अनुभव में ऊर्जा हो,
मेरा तम भी तुम्हीं हो,
मन की उजास भी तुम हो,
मैं धरा हूँ,
मेरा आकाश भी तुम हो,
मन के नील-गगन में
तुम्हीं तो सहारा देते हो
जब मैं फैलाती हूँ
विश्वास से भी मजबूत डैने,
आसरा होता है तुम्हारा,
जैसे मेरा मोह, मेरा अर्पण हो,
जीवन में तर्पण हो,
अभिशप्त हूँ मैं
तुम्हारे पास नहीं आ सकती,
तुम्हे स्पर्श नहीं कर सकती,
तुम्हे अपना नहीं बना सकती,
अपनी संवेदनाओ से
तुम्हारा दर्द नहीं सहला सकती,
मैं आती थी हर रोज़
गहरी रात में
सन्नाटे के साये से लिपटकर
घंटों बैठी रहती थी तुम्हारे सिरहाने
सहलाती थी तुम्हारा माथा
अपनी अधखुली पलकों से
अनुभव करती थी
तुम्हारे देह की ऊष्मा,
करवट बदलते थे तुम
सही करती थी चादर की सिलवटें,
कभी छू न पाई तुमको
न जी भरके देख ही पाई,
हर रात ढल जाती थी,
दिन सौतन की तरह
हमारे बीच आ जाता था
अब नहीं होता आना-जाना
आत्मा तो अब भी हर पल तुम्हारी है
बस इस देह से मुक्ति मिल जाए

Missing you

Eyes are
missing you
because
Its fail
to replace you.

Monday, 19 June 2017

Where I've to go...

Roaming aimlessly
in the vast empire
of your genuine sentiments
without having destination,
never thought
where I've to go...

My wedding Gown.

I'm so crazy,
not for my marriage
but my wedding gown.
Which would leave 
a permanent mark 
of sentiments,
the very first night
when you'll unveil it.
My emotions will dissolve
in you.
it's my passion.

My words to you.

I feel 
the every beats 
of rhythm
when
I pen down 
the words
of my
universe.