Coffee with Abhi

Buy Me a Coffee

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

इंसान बनना है मुझे

माँ ने कृतज्ञ होना सिखाया

और यह भी सिखाया कि

नदी, वृक्ष, प्रकृति की तरह बनो

देना सीखो,

पशुओं की तरह बनो

अनुगामी रहो

अब उलझन में हूँ मैं

क्या इंसान नहीं बन सकती!

एक और सुझाव मिला

गीता का सार समझो,

ईश्वर कहता है

….

कदाचित कुछ नहीं कहता ईश्वर

अलावा इसके कि

कर्म प्रधान रहे

निर्णय स्वयं से हो और

संतुलन बना रहे

2 टिप्‍पणियां:

Onkar ने कहा…

बहुत सुंदर

रोली अभिलाषा ने कहा…

आभार ओंकार जी!

मेरी पहली पुस्तक

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