Friday, 29 December 2017

अब न होगा....ये तेरा घर....ये मेरा घर

PIC & INFORMATION CREDIT: GOOGLE

ये दुनिया बदलती ही रहती है
हर पल
हमारी पृथ्वी,
इसे गोल-गोल घूमते उपग्रह
और वो भी
जिसके परितः हम घूमते हैं
पृथ्वी के संग;
अगर सृष्टि परिवर्तित होती है
तो हम भी कुछ कम नहीं,
हमारे वैज्ञानिक
मल्टी-प्लेनेट प्रजाति में
भविष्य देख रहे हैं,
फैलकन 9 इंजन 
मंगल ग्रह पर प्रोपल्सिव लैंडिंग तो
16 बार कर चुका है,
अब ऑक्सीजन संग मानव की बारी है
जिसकी खातिर 1200 टन
ऑक्सीजन भंडारण क्षमता की
डीप क्रायो लिक्विड ऑक्सीजन टैंक
मैदान में उतारी है,
अब वहाँ ले जाने को 
नया शिप बनाया जाएगा,
2022 में मंगल पहुंचाने का मिशन लाया जाएगा
उपरोक्त मेरे नहीं
28 सितम्बर 2017, एडिलेड में
इंजीनयर, अविष्कारक 
'इलोन मस्क' द्वारा व्यक्त उदगार हैं,
अब तो बस हर दिल अजीज़
ये तेरा ग्रह, ये मेरा ग्रह गुनगुनाइए
कदमों से भले ही दूर रहिये
पर दिलों के करीब आइये।
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