Coffee with Abhi

Buy Me a Coffee

शनिवार, 25 नवंबर 2017

फीलिंग्स का गूगल सर्च

GOOGLE IMAGE

वो सहमा-सहमा सा था मेरे भीतर 

और मैं इठलाई सी
यूँ लगे कि
सारे जहां की
रौनकें मुझपे छायी सी,
एक ऊर्जा सी थी
मेरे अंदर दिव्यता समाने की
मैं माँ बनने जा रही
ये तो सच ही था
पर मैं क्या खोने जा रही
ये अलग सा प्रश्न था अंदर,
जब मैं बहुत प्रेम में थी
मेरे अंदर का मैं
खो दिया था मैंने,
आज जब प्रेम का अंकुर 
प्रस्फुटित हुआ
मैं अपने मन का बच्चा
खोने जा रही
क्योंकि अब तुम
खसखस के बीज वाले आकार से
तिल के बीज वाले आकार में
रूपांतरित हो चुके हो,
तुम्हारे चेहरे के कुछ हिस्से उभरे होंगे
65 की रफ्तार से धड़कने वाले
दिल की नली भी,
तंत्रिका-नली भी तो बन गयी होगी;
पाचन-तंत्र और संवेदी-तन्त्र
भी बनने लगे होंगे,
उपास्थि आ गयी होगी,
बड़ा सा दिखता है सर अभी,
बहुत से सवाल आते हैं मन में,
सामान्य हो जाती हूँ 
जब इनका तसल्ली भरा हाथ
मेरी हथेली को गर्माहट देता है;
गूगल बताता है मुझे
तुम्हारी लम्बाई इंचों में
और वज़न ग्राम में,
पहले सेमेस्टर के आखिर में
तुम अपने पूरे वजूद में हो,
तुम्हारी मुट्ठी खुलती है, बन्द होती है
मगर गर्भ की दीवारों पर 
नाखूनों के निशान नहीं आते
मेरा समूचा अस्तित्व सिमट गया तुझमें
और तुम मेरे अहसास में ज़र्रा-ज़र्रा।

शनिवार, 18 नवंबर 2017

17 साल बाद 20 वर्षीय मिस इंडिया वर्ल्ड

TWITTER IMAGE

एक बार फिर भारत की ब्यूटी मुस्करायी
मानुषी मिस वर्ल्ड क्राउन में नज़र आयी
मैक्सिको, इंग्लैंड को भी पीछे छोड़
हरियाणा को विश्व पटल पर दिखाया
जब स्टेफनी ने
मिस छिल्लर को ताज पहनाया,
मेडिकल में दखल रखने वाली ने
17 सालों का सूखा मिटाया
आखिरी जवाब से
भारत की सभ्यता का मान बढ़ाया,
प्रियंका हमें आप पर नाज है
मानुषी ने इस मान को सम्मान दिलाया,
हम भारतवासी आपको देते हैं बधाई
भारत की सुंदरता हर कहीं मुस्करायी।

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

मैं अपनी फ़ेवरिट हूँ.


 GOOGLE IMAGE

कितना खूबसूरत है
मेरे मैं से मेरा रूबरू होना
वो हर शब्द
भावनाओं की झीनी चादर से ढ़के
मैं पढ़ती रही जो तुमने कहे
कभी खुलकर
तुमने अहसास की बारिश कर दी
मेरे दिल के मोती कभी
अपने नेह की चाशनी में पगे,
तुम तो तुम हो
ये जानती थी मैं हरदम
मैं क्या हूँ खुद में
वो लम्हे जादू के तुमने रचे,
शब्दों की दहलीज पर
कदमों की हलचल कर दी,
सरसों उगाने को
अपनी हथेली रख दी,
मुझमें कविता है मेरी
सीप में मोती की मानिंद,
समंदर की सहर पर तुमने
शाम की इबारत रच दी,
तुम हो
तो गुमां होता है खुद पर
तुम्हें खुद में
सोचती रह जाती हूँ अक्सर
तुम्हारे इन शब्दों में उलझ गयी हूँ
कि मैं अपनी फ़ेवरिट हो गयी हूँ।

तलाश है अच्छी लड़की की...

GOOGLE IMAGE

तलाश है मुझे
एक अच्छी लड़की की
अच्छा लड़का तो
पहले ही मिल चुका है;
दिमाग के घोड़े दौड़ाइये
न टेंशन में आइये,
ये कोई मैरिज ब्यूरो का आफिस नहीं
न ही बच्चों को गोद लेने-देने वाली संस्था
ये तो बस एक समतल सी जगह है
मैदानी इलाके की
जहाँ मन विश्राम पे है,
सो मन में
एक अहमक सा ख़याल आ गया
सुषुप्त आरजू में उबाल आ गया
थक गयी हूँ अपने आस-पास
सौंदर्य-प्रसाधन का बेजा प्रचार देखकर
अब हिरनी सी आँखे हवा हो गयीं
आई-लाइनर मस्कारा के आगे,
होंठों की गुलाबी रंगत कहाँ खो गयी
कहाँ गुम गए झुर्रियों के धागे,
अब चेहरे उम्र नहीं बोलते
कंपनी का ट्रेड मार्क उगलते हैं,
गाय दरवाजे पर गोबर कर जाए
तो चौबीस घंटे महकता है
मगर स्कूटी पर बैठी दीदी का
चेहरा दमकता है,
फिगर जीरो, कपड़ों का साइज छोटा
अच्छे होने की बस
इतनी सी निपुणता है,
सेल्फी का ट्रेंड है जी:
ब्यूटी प्लस की पोल
एक बार अच्छे लड़के ने मुझसे खोली थी
जो बात मेरे दिल में थी
उसने मुँह खोलकर बोली थी,
वो अच्छा लड़का है
मैं कहती हूँ,
उसमें दुनियादारी की बनावट नहीं है
वो जैसा भी है
उसके शब्दों में मिलावट नहीं है;
तलाश बाकी है अभी
एक अच्छी लड़की की
अब ये मत कहना
कि मैं आईना देख लूँ।

मेरी पहली पुस्तक

http://www.bookbazooka.com/book-store/badalte-rishto-ka-samikaran-by-roli-abhilasha.php