" ज़िन्दगी, तुम्हारे लिए!: फिर मिलते हैं...

गुरुवार, 8 मार्च 2018

फिर मिलते हैं...

चलो ज़िन्दगी से दरख्वास्त की जाए
जगते रहने की इजाज़त दे मुक़म्मल नींद से पहले।

शुभ रात्रि

कोई टिप्पणी नहीं:

मेरी पहली पुस्तक

http://www.bookbazooka.com/book-store/badalte-rishto-ka-samikaran-by-roli-abhilasha.php