रविवार, 26 जुलाई 2020

शहादत!


'चांद आज साठ बरस का हो गया' इतना कहकर पापा ने ईंट की दीवार पर पीठ टिकाते हुए मेरी आंखों में कुछ पढ़ने की कोशिश की...
'लेकिन मेरा चांद तो अभी एक साल का भी नहीं हुआ है' कहते हुए मैं पापा से लिपट गई.
मेरी आंखों से रिस रहे आंसू बीते समय को जी रहे हैं. रोज शाम हम घर की छत पर होते हैं तीन महीने से हर रोज पापा छत पर एक तारे को अपने बेटे का नाम देते हैं और मैं अपनी मां का.
तिरंगे से लिपट कर एक लाश अाई थी और जाते वक़्त दो अर्थी उठी थीं. जिसे शहादत कहते हो आप सब वो वीरानी बनकर चीखती है. थर्राती है सन्नाटों में.

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15 टिप्पणियाँ:

यहां 26 जुलाई 2020 को 3:41 am बजे, Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत मार्मिक।
शहीदों को नमन।

 
यहां 27 जुलाई 2020 को 11:15 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

बहुत आभार माननीय!

 
यहां 27 जुलाई 2020 को 11:15 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

बहुत आभार माननीया 🙏

 
यहां 27 जुलाई 2020 को 12:29 pm बजे, Blogger Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

Jai hind
Naman

 
यहां 27 जुलाई 2020 को 7:46 pm बजे, Blogger Rakesh ने कहा…

जय हिन्द जय हिन्द की सेना

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 4:30 am बजे, Blogger Marmagya - know the inner self ने कहा…

जय हिन्द ! मार्मिक रचना ! दिल को छू गयी ! --ब्रजेन्द्र नाथ

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 4:53 am बजे, Blogger दिगम्बर नासवा ने कहा…

मार्मिक ... स्तबद्ध हूँ पढने के बाद ...
नमन है मेरा ...

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 7:13 am बजे, Blogger Swarajya karun ने कहा…

हृदयस्पर्शी पंक्तियां पढ़कर मन व्यथित हो उठा। भावपूर्ण प्रस्तुति ।

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 11:06 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

बहुत आभार आपका मान्यवर 🙏

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 11:06 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

आभार मान्यवर 🙏

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 11:07 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

बहुत आभार 🙏

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 11:07 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

जय हिंद!

 
यहां 28 जुलाई 2020 को 11:07 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

जय हिंद!

 
यहां 29 जुलाई 2020 को 12:59 am बजे, Blogger Anuradha chauhan ने कहा…

बेहद मर्मस्पर्शी सृजन

 
यहां 29 जुलाई 2020 को 4:20 am बजे, Blogger अभिलाषा ने कहा…

आभार आपका 🙏

 

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