बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

एक पाती प्रेम की



प्रेम कविता लिखनी थी
सब कुछ तो है
कागज़, कलम, स्याही
बस प्रेम का रंग नहीं
क्या कहते हो बोलो
......छोड़े दें या....
ला रहे हो
वो गुलाबी रंग 
हमारे अंतस वाला...




सस्नेह
तुम्हारी ...
क्या लिख दें बोलो?



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4 टिप्पणियाँ:

यहां 13 फ़रवरी 2019 को 7:18 am बजे, Blogger शिवम् मिश्रा ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 13/02/2019 की बुलेटिन, " मस्त रहने का ... टेंशन नहीं लेने का ... ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

 
यहां 13 फ़रवरी 2019 को 9:30 pm बजे, Blogger विकास नैनवाल 'अंजान' ने कहा…

सुन्दर कृति।

 
यहां 24 जून 2020 को 3:32 am बजे, Blogger Roli Abhilasha ने कहा…

आभार आपका 🙏

 
यहां 24 जून 2020 को 3:33 am बजे, Blogger Roli Abhilasha ने कहा…

आभार आपका 🙏

 

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