Coffee with Abhi

Buy Me a Coffee

शनिवार, 1 अगस्त 2026

उन्होंने कहा दिन है


सच मत बोलो

सच दुखता है


कहा न...

तुम सुनते ही नहीं


झूठ नहीं बोल सकते

तो चुप रहो


जो सच नहीं सुन सकते

वो चीखेंगे चिल्लायेंगे

लेकिन तुम्हें सच नहीं बोलने देंगे


तुम बात करोगे सड़कों की

वो आंकड़े दिखायेंगे


और हाँ सवाल भी मत करो

सवाल ही तो बवाल है

जो सवाल नहीं करता वो मालामाल है


उन्होंने कहा, दिन है

तुम दिन कहो

ये मत कहो कि सूरज नहीं निकला

सूरज तो बादल में भी नहीं दिखता

क्या उसे रात कह देते हो?

ख़ारिज हो गयी न दलील?


जहाँ ख़ारिज होती रहती हैं बार-बार दलीलें

वहाँ दलील देने वाला ही बन जाता है दलाल

या यों कहें कि बनना पड़ता है दलाल

तो क्या वही बन जाना चाहते हो

फिर क्यों बोलते हो सच


तुम गूंगे ही अच्छे लगते हो

13 टिप्‍पणियां:

Digvijay Agrawal ने कहा…

दिन ही कह लीजिए
फर्क नहीं
शाम भी तो आ ही जाएगी
और रात होनी तो निश्चत है
ध्रुव सत्य....

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर

Onkar ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति

M VERMA ने कहा…

जो सवाल नहीं करता वो मालामाल है
होते होंगे पर सवाल जरूरी है

Anita ने कहा…

जब तक वो वो हैं हम हम हैं तब तक यह सवाल जवाब चलता रहेगा, यहाँ केवल हम हैं, यह समझ चाहिए

हरीश कुमार ने कहा…

बहुत सुंदर

Roli Abhilasha ने कहा…

सच कहा मान्यवर!

Roli Abhilasha ने कहा…

धन्यवाद!

Roli Abhilasha ने कहा…

धन्यवाद!

Roli Abhilasha ने कहा…

धन्यवाद!

Roli Abhilasha ने कहा…

धन्यवाद!

Roli Abhilasha ने कहा…

धन्यवाद!

Roli Abhilasha ने कहा…

बहुत धन्यवाद!

मेरी पहली पुस्तक

http://www.bookbazooka.com/book-store/badalte-rishto-ka-samikaran-by-roli-abhilasha.php